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व्यर्थ की चिंता न करे…. 2025

व्यर्थ की चिंता न करे : पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के ऊपर है, किसी न किसी रिश्तेदार का उसके यहां रोज आना-जाना लगा ही रहता है।


व्यर्थ की चिंता न करे : एक व्यक्ति तनावग्रस्त के कारण काफी चिड़चिड़ा रहने लगा था। वह हमेशा इस बात से परेशान रहता था कि घर के सारे खर्च उस े ही उठान े पड़ते हैं। पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के ऊपर है, किसी न किसी रिश्तेदार का उसके यहां रोज आना-जाना लगा ही रहता है। इन्हीं बातों को सोच सोच कर वह अक्सर बहुत परेशान रहता था।

एक दिन उसका बेटा उसके पास आया और बोला ‘पिताजी मेरा स्कूल का होमवर्क करा दीजिए। वह व्यक्ति पहले से ही तनाव मे ं था, इसलिए उसन े बेटे को डांट कर भगा दिया, लेकिन जब थोड़ी देर बाद उसका गुस्सा शांत हुआ तो वह बेटे के पास गया। उसन े देखा कि बेटा गहरी नींद में सोया हुआ है और उसके हाथ मे ं उसके होमवर्क की कॉपी थी। उसकी नजर होमवर्क के विषय ‘वे चीज ें जो हमें शुरू में अच्छी नही ं लगतीं, लेकिन बाद में वे अच्छी ही होती हैं’ पर पड़ी। उत्सुकतावश उसन े अपने बच्चे का लिखा पढ़ना शुरू किया। बच्च े ने लिखा था-

व्यर्थ की चिंता न करे : मै ं अपने फाइनल एग्जाम को बहुत धन्यवाद देता हूं, क्योंकि इनके बाद स्कूल की छुट्टिया ं पड ़ जाती हैं। मैं कड़वी दवाइयों को भी धन्यवाद देता हूं, क्योंकि ये मुझ े बीमारी से ठीक करती हैं। म ै ं सुबह-सुबह जगान े वाली उस अलार्म घड़ी को बहुत धन्यवाद देता हूं, जो मुझ े हर सुबह बताती है, कि मैं जीवित हूं। म ैं ईश्वर को भी बहुत धन्यवाद देता हूं,

जिसन े मुझ े इतने अच्छे पिता दिए, क्योंकि मुझ े इस बात की खुशी है कि मेरे पास पिता हैं। होमवर्क पढ़न े के बाद वह व्यक्ति जैस े अचानक नींद से जाग गया हो। बच्चे की S लिखी बातें उसके दिमाग मे ं बार-बार घूम रही थीं, खासकर अंतिम वाली लाइन । फिर उसन े अपनी परेशानियो ं के बारे में सोचना शुरू किया। मुझ े घर के सारे खर्च उठान े पड़ते हैं, इसका मतलब है कि मेरे पास घर है और मै ं उन लोगों से बेहतर स्थिति मे ं हं, जिनके पास घर तक नही ं है।

मुझ े पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है, इसका मतलब है कि मेरा परिवार है और मै ं उनस े ज्यादा खुशनसीब हूं, जिनके पास परिवार नही ं है। मेरे यहां रिश्तेदार आते रहते हैं, इसका मतलब है कि मेरी एक सामाजिक हैसियत है और मेरे पास मेरे सुख-दुख मे ं साथ देन े वाले लोग हैं। म ै ं बहुत ज्यादा खर्च करता हूं, इसका मतलब है कि मेरे पास अच्छी नौकरी है। इसके बाद उस व्यक्ति की सोच पूरी तरह से बदल गई और वह अब चिंता मुक्त था। उसन े अपने बेट े और ईश्वर को धन्यवाद दिया।

कहानी बताती है कि हमारे सामन े जो भी परेशानिया ं हैं, हम जब तक उनको नकारात्मक नजरिये से देखते रहेंगे, तब तक हम उनस े घिरे रहेंगे, लेकिन जब हम उन्हें सकारात्मक नजरिये से देखना शुरू करेंगे, तो हमारी सोच एकदम से बदल जाएगी।

व्यर्थ की चिंता न करे : पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के ऊपर है, किसी न किसी रिश्तेदार का उसके यहां रोज आना-जाना लगा ही रहता है।

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